डिजिटल तकनीक से राशन कार्ड प्रक्रिया में बड़ा बदलाव
अब वह समय बीत गया जब एक छोटे से सरकारी काम के लिए दफ्तरों की लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था। बिहार सरकार ने आम लोगों की सुविधा के लिए राशन कार्ड बनवाने की पूरी प्रक्रिया को अब ऑनलाइन कर दिया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अनुसार, अब ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया लगभग समाप्त हो चुकी है। अब कोई भी नागरिक अपने मोबाइल या लैपटॉप के जरिए इंटरनेट की मदद से घर बैठे ही आवेदन कर सकता है। इस नई व्यवस्था से न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि बिचौलियों और एजेंटों का हस्तक्षेप भी पूरी तरह से खत्म हो गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बन गई है।
राशन कार्ड के बहुआयामी लाभ और महत्व
राशन कार्ड केवल सस्ता अनाज प्राप्त करने का साधन मात्र नहीं है, बल्कि यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह पहचान पत्र और पते के प्रमाण के रूप में एक मजबूत दस्तावेज माना जाता है, जो कई सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में सहायक होता है। इसके माध्यम से पात्र परिवारों को सस्ती दरों पर चावल, गेहूं और चीनी उपलब्ध कराई जाती है। इसके अतिरिक्त, अन्य सरकारी दस्तावेज बनवाने के लिए भी राशन कार्ड एक सहायक दस्तावेज की भूमिका निभाता है। ऑनलाइन प्रणाली के आने से अब लाभार्थी अपने आवेदन की स्थिति (Status) भी घर बैठे चेक कर सकते हैं, जिससे उन्हें अब दफ्तरों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है।















